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योग दिवस कब है | क्यों मनाते है योग दिवस |कैसे करे योग |जानिए यहां

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कब है (Yoga Divas Kab Hai?)

स्वस्थ ही सफलता की कुंजी है | योग की उत्पत्ति संस्कृति के युज से हुई है| योग के दो आध्यत्मिक अर्थ होते है, एक को जोड़ना और दूसरे को समाधि कहा जाता है| योग दिवस (Yoga Day) योग एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है, जो भारत और नेपाल में प्रचलित है| दूसरे अर्थ में योग को जीवन जीने की कला को भी कहा जाता है| योग के द्वारा तन और मन से जुड़े अनंत रोगो और विकारो का अंत हो जाता है|

योग दिवस (Yoga Day) कब मनाया जाता है?

आज के समय में योग दुनिया के लगभग हर देश में किया जाता है| योग दिवस 21 जून को मनाया जाता है, क्योकि यह दिन साल का सबसे बड़ा दिन होता है| इसकी पहल भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 27 सितम्बर 2014 को सयुक्त रस्त्र की सभा में भाषण में की थी| 11 दिसम्बर 2014 को 177 देशो ने योग दिवस मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी| जिसके साथ ही 21 जून को योग दिवस मनाया जाता है| 21 जून 2015 को विश्व में पहली बार मनाया गया| प्रधानमंत्री मोदी जी ने इस प्रस्ताव को मात्र 90 दिनों में पारित कराया था, जो किसी दिवस के लिए सबसे कम समय में पारित कराया गया था|

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क्यों मनाते है 21 जून को योग दिवस (Yoga Day)?

21 जून को सूर्य जल्दी उदय होता है, और शाम को देरी से अस्त होता है| कहा जाता है, कि इस दिन सूर्य अधिक प्रभाव के साथ उदय होता है|

योग करने के 8 मूल मंत्र

योग के 8 सूत्र बताए गए हैं, जो निम्न प्रकार से हैं –

1. नियम– इसके अंतर्गत अध्ययन संतुष्ट‍ि तपस्या पवित्रता और ईश्वर को आत्मसमर्पण शामिल हैं।

2. प्राणायाम– सांस को लेना, छोड़ना और स्थगित रखना इसमें अहम है।

3. आसन– इसमें बैठने का आसन महत्वपूर्ण है

4. ध्यान– ध्यान की वस्तु की प्रकृति का गहन चिंतन इसमें शामिल है।

5. प्रत्याहार– बाहरी वस्तुओं से, भावना अंगों से प्रत्याहार।

6. यम– इसके अंतर्गत सत्य बोलना, अहिंसा, लोभ न करना, विषयासक्ति न होना और स्वार्थी न होना शामिल है।

7. धारणा– इसमें एकाग्रता अर्थात एक ही लक्ष्य पर ध्यान लगाना महत्वपूर्ण है।

8. समाधि– इसमें ध्यान की वस्तु को चैतन्य के साथ विलय करना शामिल है।

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योग के प्रकार

योग के तीन प्रमुख इस प्रकार हैं –

1. कर्मयोग– इसमें व्यक्ति अपने स्थिति के उचित और कर्तव्यों के अनुसार कर्मों का श्रद्धापूर्वक निर्वाह करता है।

2. भक्ति योग– इसमें भगवत कीर्तन प्रमुख है। इसे भावनात्मक आचरण वाले लोगों को सुझाया जाता है।

3. ज्ञान योग– इसमें ज्ञान प्राप्त करना अर्थात ज्ञानार्जन करना शामिल है।

दोस्तों उम्मीद करता हूँ, कि इस लेख में आप को योग दिवस के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर पाए होंगे| अगर आप हमारी वेबसाइट के Latest Update पाना चाहते है, तो आपको हमारी Naukaricareer.com की वेबसाइट को सब्सक्राइब करना होगा। फिर मिलेंगे आपसे ऐसे ही आवश्यक जानकारी लेकर तब तक के लिए अलविदा दोस्तों हमारी पोस्ट पढ़ने के लिए धन्यवाद, आपका दिन शुभ हो।

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